Skip to main content

Do you have this kind of knowledge about organ transplantation?


An operation moving an organ from one organism (the donor) to another (the recipient) called as organ transplantation.

Types of organ transplantation
Autograft 
Allograft
Isograft 
Xenograft and Xenotransplantion 
Split transplants 

Autograft - A transplant of tissue from one to oneself.

Allograft - An allograft is a transplanted organ or tissue from a genetically non-identical member of the same species.

Isograft - A subset of allografts in which organs or tissues are transplanted from a donor to a genetically identical recipient (such as an identical twin).

Xenograft and Xenotransplantion - A transplant of organs or tissue from one species to another. Xenotransplantion is often an extremely dangerous type of transplant.

Split transplants - Sometimes, a deceased-donor organ (specifically the liver) may be divided between two recipients, especially an adult and a child.

Comments

Popular posts from this blog

क्या है ‘उद्योग आधार’ नंबर, छोटे कारोबारियों के लिए कैसे है फायदेमंद

सरकार ने कम पूंजी में अपना कारोबार
शुरू करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना आसान
बना दिया है। इसके लिए सरकार ने उद्योग आधार
की शुरुआत की है। दरअसल यह सुविधा छोटे और
मध्यम दर्जे के कारोबारियों को मिलेगी। जिससे
कारोबारियों को रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर के
प्रोडक्शन करने तक 11 जरूरी फॉर्म भरने के झंझट से
छुटकारा मिल जाएगी। क्योंकि माइक्रो, स्मॉल
एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (एमएसएमई) मंत्रालय छोटे
और मझोले कारोबारियों को यह सुविधा मुफ्त में
मुहैया करा रही है। एमएसएमई मंत्रालय को उम्मीद है
कि ‘उद्योग आधार’ नंबर की शुरुआत ईज ऑफ डुइंग
बिजनेस के लिए एक बेहतर टूल साबित होगा। इसके
जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कारोबारी सरकार
की योजनाओं का बेहतर लाभ उठा पाएंगे।
क्या है ‘उद्योग आधार ’ नंबर
छोटे और मध्यम दर्जे के कारोबारियों को नया
कारोबार शुरू करने के लिए ऑनलाइन अथवा
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की जो सुविधा दी गई
है उसे ‘उद्योग आधार’ नाम दिया गया है। ताकि,
एमएसएमई के लिए कारोबार करना न केवल आसान
हो, बल्कि वे अपना करोबार को बढ़ाना भी चाहें
तो सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध
कराई जा सके। इसके तह…

जानिए, क्या है मोबाइल वॉलेट, इससे ट्रांजेक्शन कैसे है आसान...

भारत में जिस तरह ऑनलाइन शॉपिंग
का क्रेज बढ़ रहा है उसी तरह मोबाइल वॉलेट का
भी इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। क्योंकि, इसके
जरिए ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त ग्राहकों को पेमेंट
करने में सुविधा होती है। इसकी वजह से परचेजिंग
करने वालों को खुले पैसे देने के झंझटों से छुटकारा
मिलता है। वहीं, मोबाइल वॉलेट के जरिए आप पैसा
किसी को देश के किसी भी हिस्से में भेज सकते हैं।
क्योंकि, इसके लिए आपको बैंक जाने की जरूरत नहीं
होती है। इसके अलावा इसकी वजह से कैश कैरी करने
की जरूरत नहीं पड़ती है।
आरबीआई के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक
साल 2013-14 में कुल एक हजार करोड़ रुपए का लेनदेन
किया गया। लेकिन अगले 2 साल के भीतर यह
आकंड़ा आठ गुणा हो गया। साल 2014-15 में
मोबाइल वॉलेट के जरिए करीब 8,200 करोड़ रुपए का
लेनदेन किया गया।
क्या होता है मोबाइल वॉलेट
मोबाइल वॉलेट स्मार्ट फोन पर उपलब्ध एक डिजिटल
वॉलेट की सुविधा है। जहां रुपए को डिजिटल मनी
के रूप में स्टोर किया जाता है। खरीददारी के
दौरान इस वॉलेट के जरिए पेमेंट किया जाता है।
सामान्य शब्दों हम कह सकते हैं कि मोबाइल वॉलेट
एक डिजिटल पर्स की तरह है जिसके जरिए पैसे की
ले…

जानिए, क्या है WTO और इंटरनेशनल ट्रेड में इसकी भूमिका....

केन्या की राजधानी नैरोबी में वर्ल्ड
ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) की 10वीं
मिनिस्टीरियल बैठक में हुई प्रगति को लेकर भारत
संतुष्ट नहीं है। क्योंकि स्टॉकहोल्डिंग, फूड
सब्सिडी जैसे विवादस्पद मुद्दों पर भी कोई प्रगति
संभव नहीं हुई। दोहा डेवलपमेंट एजेंडे (डीडीए) के
भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता कायम है।
विकसित और विकासशील देशों के बीच इस तकरार
से एक बार फिर डब्ल्यूटीओ की भूमिका पर चर्चा
गरम हो गई है। आइए हम आपको डब्ल्यूटीओ के कार्य
और उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताते हैं।
क्या है डब्ल्यूटीओ
वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन ( डब्ल्यूटीओ) ट्रेड के मामले में
विश्व की प्रमुख संस्था है, जो सदस्य देशों के बीच
होने वाले व्यापार के नॉर्म्स तय करता है। नए
व्यापार समझौतों को लागू करने के साथ ही लिए
भी डब्ल्यूटीओ उत्तरदायी है। भारत भी डब्ल्यूटीओ
का एक सदस्य देश है।

डब्ल्यूटीओ की स्थापना
वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना 15
अप्रैल, 1994 को जनरल एग्रीमेंट ऑन टेरिफ एंड
ट्रेड (गेट) के स्थान पर की गई थी। गेट
की स्थापना साल 1948 में तब हुई
थी, जब 23 देशों ने कस्टम टैरिफ कम करने के लिए
हस्ताक्षर किए थे। …

Archive

Support us

Total Pageviews

CONTACT

Name

Email *

Message *