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GREEN CHEMISTRY: A FRIEND OF ENVIRONMENT

GREEN CHEMISTRY: A FRIEND OF ENVIRONMENT

Environmental issues in the past were considered as part of the economic system and the rapid exploitation of natural resources. It took many years to consider the established ways that materials were used (feedstocks), the initial design of chemical processes, the hazardous properties of products, the energy consumption and other parameters involved in the manufacture of products (life cycle, recycling, etc).
Green Chemistry was for many years a relatively abstract idea with no basic principles and definitions of practical applications. Now, the term Green Chemistry has been defined as “the invention, design and application of chemical products and processes to reduce or to eliminate the use and generation of hazardous substances for workers and consumers”.
The definition of Green Chemistry starts with the concept of invention and design. This means we, scientists and technologists, must take into account from the start what we are looking for, what kind of product, how we are going to design its manufacture and its use. The impact of chemical products and chemical processes must be included as design criteria. Hazard considerations for initial materials and final products must also be included in the performance criteria.
Another aspect of the definition of Green Chemistry is in the phrase “use and generation of hazardous substances”. We must think in advance if use of the product is going to be dangerous (workers, consumers) or if it is going to generate environmental pollution through their use or after their practical application (as waste). Rather than focusing only on those undesirable substances that might be inadvertently produced in a process, Green Chemistry also includes all substances that are part of the process. Also, Green Chemistry recognizes that there are significant consequences to the use of hazardous substances, ranging from regulatory, handling and transport, production of waste and liability issues.
Green Chemistry aims not only for safer products, less hazardous consequences to the environment, saving energy and water, but includes broader issues which can promote in the end Sustainable Development.
The rapid development of new chemical technologies and the vast number of new chemical products in the last decades turned the attention of environmentalists to remedial actions for the negative impacts (monitoring environmental pollution, reduction of pollutants, recycling, etc).

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