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जानिए, क्या है WTO और इंटरनेशनल ट्रेड में इसकी भूमिका....

केन्या की राजधानी नैरोबी में वर्ल्ड
ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) की 10वीं
मिनिस्टीरियल बैठक में हुई प्रगति को लेकर भारत
संतुष्ट नहीं है। क्योंकि स्टॉकहोल्डिंग, फूड
सब्सिडी जैसे विवादस्पद मुद्दों पर भी कोई प्रगति
संभव नहीं हुई। दोहा डेवलपमेंट एजेंडे (डीडीए) के
भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता कायम है।
विकसित और विकासशील देशों के बीच इस तकरार
से एक बार फिर डब्ल्यूटीओ की भूमिका पर चर्चा
गरम हो गई है। आइए हम आपको डब्ल्यूटीओ के कार्य
और उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताते हैं।
क्या है डब्ल्यूटीओ
वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन ( डब्ल्यूटीओ) ट्रेड के मामले में
विश्व की प्रमुख संस्था है, जो सदस्य देशों के बीच
होने वाले व्यापार के नॉर्म्स तय करता है। नए
व्यापार समझौतों को लागू करने के साथ ही लिए
भी डब्ल्यूटीओ उत्तरदायी है। भारत भी डब्ल्यूटीओ
का एक सदस्य देश है।

डब्ल्यूटीओ की स्थापना
वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना 15
अप्रैल, 1994 को जनरल एग्रीमेंट ऑन टेरिफ एंड
ट्रेड (गेट) के स्थान पर की गई थी। गेट
की स्थापना साल 1948 में तब हुई
थी, जब 23 देशों ने कस्टम टैरिफ कम करने के लिए
हस्ताक्षर किए थे। आधिकारिक तौर पर यह संस्था 1
जनवरी, 1995 को मार्राकेश एग्रीमेंट के
तहत 123 देशों के हस्ताक्षर के साथ अस्तित्व में आई।
दरअसल डब्ल्यूटीओ, गेट का विस्तृत स्वरूप
है, जबकि गेट सिर्फ मर्केडाइज सामान को नियंत्रित करता था।
डब्ल्यूटीओ के कार्य-क्षेत्र में सर्विस बिजनेस जैसे
दूरसंचार, बैंकिंग के अलावा अन्य मुद्दे जैसे इंटेलेक्चुअल
प्रोपर्टी आदि के अधिकार शामिल हैं। फिलहाल
डब्ल्यूटीओ में 161 सदस्य हैं।
डब्ल्यूटीओ मिनिस्टिरीयल कांफ्रेंस
डब्ल्यूटीओ की सबसे
बड़ी इकाई मंत्रिस्तरीय सम्मेलन
(मिनिस्टीरियल कांफ्रेंस) है। यह प्रत्येक दो साल में
अन्य कार्यों के साथ-साथ संस्था के प्रमुख का चुनाव
भी करता है। साथ ही वह सामान्य परिषद
(जनरल काउंसिल) के कामों को भी देखता है। आमतौर
पर सामान्य परिषद कई देशों के राजनयिकों से मिलकर
बनती है, जिसका काम प्रतिदिन के काम को देखना है।
डब्ल्यूटीओ का हेडक्वाटर स्विट्जरलैंड के जेनेवा में
स्थित है। इसके वर्तमान महानिदेशक रॉबर्टो एजेवेडो हैं।
वहीं, अभी तक इसके छह
मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (मिनिस्टीरियल
कांफ्रेंस) हो चुके हैं। इसके अलावा डब्ल्यूटीओ के
मिनिस्टीरियल कांफ्रेस का फोकस उरुग्वे दौर
की वार्ता (1986-1994) के एजेंडे पर केंद्रित है।

डब्ल्यूटीओ का उद्देश्य एवं कार्य-

वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के गठन का मुख्य उद्देश्य और
कार्य अपने सदस्य देशों के बीच ट्रेड
संबंधी तालमेल बिठाना और कारोबारी माहौल
को बेहतर बनाना है। इसके अलावा भी इसके कई और
कार्य हैं, जो इस प्रकार है :-
1. इसका उद्देश्य रहन -सहन की लागत को कम
करना और जीवन के स्तर को ऊंचा उठाना
2. सदस्य देशों के बीच चल रहे ट्रेड विवाद को
सुलाझाना और ट्रेड के तनाव को कम करना
3. डब्ल्यूटीओ का काम आर्थिक विकास और रोजगार
को प्रोत्साहन देना
4. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेड की लागत
को कम करना भी इसकी
जिम्मेदारी
5. बेहतर प्रशासन के लिए सदस्य देशों को प्रोत्साहित करना
6. अपने सदस्य देशों के विकास में मदद देती है
डब्ल्यूटीओ
7. कमजोर और गरीब को मजबूत सहारा देने का
भी काम
8. पर्यावरण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करती
है डब्ल्यूटीओ
9. शांति और स्थायित्व में भी है
डब्ल्यूटीओ का योगदान
10. बिना किसी टकराव के प्रभावी है यह
संस्था
जानिए, क्या है WTO और इंटरनेशनल ट्रेड में इसकी भूमिका.... जानिए, क्या है WTO और इंटरनेशनल ट्रेड में इसकी भूमिका.... Reviewed by Ankit Karma on February 04, 2016 Rating: 5

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