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जानिए, क्या है स्टार्टअप, इसे शुरू करने वाले को क्या मिलेगी सरकारी मदद....


स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए
मोदी सरकार ने स्टार्टअप इंडिया एक्शन प्लान
लांच कर दिया है। साथ ही इसकी परिभाषा भी
तय कर दी गई है, जिसमें 25 करोड़ रुपए तक का
टर्नओवर एवं कंपनी का गठन 5 साल से ज्यादा
पुराना नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा स्टार्टअप
को टैक्स बेनिफिट के लिए अंतरमंत्रालयी बोर्ड से
सर्टिफिकेट लेना होगा। सरकार ने नौकरी के अवसर
और नए आइडिया के साथ कारोबार शुरू करने वालों
के लिए ‘स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया’ का भी
नारा दिया है।
वहीं, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का अनुमान है कि अगले
10 सालों में आईटी सेक्टर की तरह स्टार्टअप में भी
बूम आएगा, जिससे 30 से 35 लाख लोगों को
रोजगार उपलब्ध होंगे। भारत में स्टार्टअप की संख्या
जिस तेजी के साथ बढ़ रही है उसको देखते हुए आने
वाले 10 सालों में इनकी संख्या बढ़कर 1 लाख के
करीब हो जाएगी। हम आपको यह बता रहे हैं कि
स्टार्टअप क्या है और इसको शुरू करने वाले को
सरकार कैसे मदद करेगी और क्या होगा फायदा।

क्या है स्टार्टअप
स्टार्टअप एक नई कंपनी होती है, जिसको
शुरू करने के बाद उसको डेवलप किया जाता है। आमतौर पर
स्टार्टअप यानी नई कंपनी शुरू करने को
कहा जाता है, जिसको कोई यूथ स्वंय या दो तीन लोगों के
साथ मिलकर शुरू करता है। आमतौर पर उसको शुरू करने वाला
व्यक्ति उसमें पूंजी लगाने के साथ कंपनी
का संचालन भी करता है। यह कंपनी वैसे
प्रोडक्ट्स या सर्विस को लांच करती है, जो कि मार्केट
में उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे प्रोडक्ट्स को लांच
करने वाले यूथ अपने आइडिया लोगों के सामने प्रस्तुत करते हैं,
जिसे वह अपने मेहनत के बल पर मार्केट में स्थापित
भी करते हैं। इसे सरल शब्दों में हम कह सकते हैं
कि स्टार्टअप आंन्त्रप्रेन्योर्स के लिए अपने कारोबार को एक नई
कंपनी के रूप में शुरुआत करना है।

स्टार्टअप के क्या हैं नियम
किसी कंपनी को स्टार्टअप
कैटगरी में आने के लिए उसके प्राइवेट लिमिटेड
कंपनी, पार्टनरशिप फर्म अथवा लिमिटेड
लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म के रूप में रजिस्टर्ड होना
जरूरी है। इसके अलावा स्टार्टअप के लिए
किसी कंपनी का गठन 5 साल से पुराना
नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही
कंपनी का टर्नओवर 25 करोड़ रुपए तक होना चाहिए।
तभी वह कंपनी स्टार्टअप
की कैटगरी में शामिल सकती
है।

इसके दायरे में आने वाली सर्विस
स्टार्टअप के दायरे में वहीं कंपनी
आएगी जिसका प्रोडक्ट या सर्विस नई तरह
की हो, लेकिन यदि किसी प्रोडक्ट में
बदलाव किया गया है तो उसका फायदा कस्टमर को मिल रहा है कि
नहीं यह देखना जरूरी होगा। इसके अलावा
इंडियन पेटेंड और टेड्रमार्क ऑफिस से किसी प्रोडक्ट
को पेटेंट मिला हो। वहीं, अगर सरकार किस प्रोडक्ट को
प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक मदद दे रही हो,
जिससे आम आदमी को लाभ होता हो।

स्टार्टअप को ये सुविधा देगी सरकार
स्टार्टअप के लिए जारी एक्शन प्लान में सरकार ने कई
अहम घोषणाएं की हैं, जिससे स्टार्टअप को बूस्ट
मिलेगा और लाखों रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
स्टार्टअप को सरकार की तरफ से मिलने
वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं :-
स्टार्टअप के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन आधारित कंप्लायंस होगा।
पेटेंट एप्लीकेशन फीस में 80 पर्सेंट
की छूट देगी सरकार।
सरकार देशभर में 35 नए इन्क्यूबेशन सेंटर खोलेगी।
3 साल तक स्टार्टअप का काई इंस्पेक्शन नहीं किया
जाएगा।
शेयर मार्केट वैल्यू से ऊपर के इन्वेस्टमेंट पर टैक्स में छूट
देगी सरकार।
प्रॉफिट होने पर भी 3 साल तक स्टार्टअप्स को
इनकम टैक्स में छूट मिलेगी।
देश के प्रमुख शहरों में पेटेंट के लिए कंसल्टेशन की
फ्री व्यवस्था की जाएगी।
सार्वजनिक और सरकारी खरीद में
स्टार्टअप को छूट मिलेगी।
स्टार्टअप के लिए फास्ट एक्जिट पॉलिसी बनाई
जाएगी।
इनोवेशन पर स्टार्टअप को राष्ट्रीय पुरस्कार से
सम्मानित करेगी सरकार।
अपनी प्रॉपर्टी बेचकर स्टार्टअप में
इन्वेस्ट करने वाले को कैपिटल गेन टैक्स की छूट
मिलेगी।
10 हजार करोड़ रुपए का फंड बनाया जाएगा, जिसमें से प्रत्येक
साल 2500 करोड़ रुपए का फंड स्टार्टअप्स को मिलेगा।
स्टार्टअप के लिए चार साल तक 500 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष का
क्रेडिट गारंटी फंड सरकार बनाएगी।
स्टार्टअप इंडिया हब सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट बनेगा और हैंड
होल्डिंग का भी इंतजाम सरकार के द्वारा की
जाएगी।
स्टार्टअप्स के लिए ऑनलाइन पोर्टल लांच करने के साथ
ही मोबाइल ऐप के जरिए छोटा ई-फॉर्म पेश किया जाएगा,
जिसमें रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था होगी।
इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट को प्रोटेक्शन दिया जाएगा।
इसके लिए रजिस्ट्रेशन के लिए आईपीआर लाने जा रहे
हैं।
अटल इनोवेशन मिशन (AIM) की शुरुआत। इसके
तहत स्टार्टअप को कंपटेटिव बनाना होगा। इसके
तहत आंन्त्रप्रेन्योर के नेटवर्क को बनाया जाएगा। स्टार्टअप को
सीड कैपिटल देने के साथ कई अन्य सुविधाएं
दी जाएंगी।
सरकार बच्चों में इनोवेशन बढ़ाने के लिए भी कार्यक्रम
शुरू करेगी। इसके लिए इनोवेशन कोर प्रोग्राम शुरू होगा।
इसके अलावा 5 लाख स्कूलों के 10 लाख बच्चों की
पहचान भी की जाएगी जो
इनोवेशन को आगे बढ़ा सकें।


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