Skip to main content

7- Habbits of Happy people in Hindi


Friends, खुश रहना मनुष्य का जन्मजात स्वाभाव होता है . आखिर एक छोटा बच्चा अक्सर खुश क्यों रहता है ? क्यों हम कहते हैं कि childhood days life के best days होते हैं ? क्योंकि हम पैदाईशी HAPPY होते हैं ; पर जैसे -जैसे हम बड़े होते हैं हमारा environment, हमरा समाज हमारे अन्दर impurity घोलना शुरू कर देता है ….और धीरे -धीरे impurity का level इतना बढ़ जाता है कि happiness का natural state sadness के natural state में बदलने लगता है .
पर ऐसा सबके साथ नहीं होता है दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपनी Happy रहने की natural state को बचाए रख पाते हैं और Life-time खुशहाल रहते हैं .
तो क्या ऐसे व्यक्ति हमेशा खुश रहते हैं ? नहीं , औरों की तरह उनके जीवन में भी दुःख-सुख का आना जाना लगा रहता है , पर आम तौर पर ऐसे व्यक्ति व्यर्थ की चिंता में नहीं पड़ते और अक्सर हँसते -मुस्कुराते और खुश रहते हैं .
तो सवाल ये उठता है कि जब ये लोग खुश रह सकते हैं तो बाकी सब क्यों नहीं ?आखिर उनकी ऐसी कौन सी आदतें हैं जो उन्हें दुनिया भर की टेंशन के बीच भी खुशहाल बनाये रखती हैं ? आज इस लेख के जरिये मैं आपके साथ खुशहाल लोगों की 7 आदतें share करने जा रहा हूँ जो शायद आपको भी खुश रहने में मदद करें .तो आइये जानते हैं उन सात आदतों को :
Habit 1: खुश रहने वाले अच्छाई खोजते हैं बुराई नहीं :
Human beings की natural tendency होती है कि वो negativity को जल्दी catch करते हैं . Psychologists इस tendency को “Negativity bias” कहते हैं . अधिकतर लोग दूसरों में जो कमी होती है उसे जल्दी देख लेते हैं और अच्छाई की तरफ उतना ध्यान नहीं देते पर खुश रहने वाले तो हर एक चीज में , हर एक situation में अच्छाई खोजते हैं , वो ये मानते हैं कि जो होता है अच्छा होता है . किसी भी व्यक्ति में अच्छाई देखना बहुत आसान है ,बस आपको खुद से एक प्रश्न करना है , कि , “ आखिर क्यों यह व्यक्ति अच्छा है ?” , और यकीन जानिये आपका मस्तिष्क आपको ऐसी कई अनुभव और बातें गिना देगा की आप उस व्यक्ति में अच्छाई दिखने लगेगी .
एक बात और , आपको अच्छाई सिर्फ लोगों में ही नहीं खोजनी है , बल्कि हर एक situation में आपको positive रहना है और उसमे क्या अच्छा है ये देखना है . For example , अगर आप किसी job interview में select नहीं हुए तो आपको ये सोचना चाहिए कि शायद भागवान ने आपके लिए उससे भी अच्छी job रखी है जो आपको देर-सबेर मिलेगी, और आप किसी अनुभवी व्यक्ति से पूछ भी सकते हैं, वो भी आपको यही बताएगा .
Habit 2: खुश रहने वाले माफ़ करना जानते हैं और माफ़ी माँगना भी :
हर किसी का अपना -अपना ego होता है , जो जाने -अनजाने औरों द्वारा hurt हो सकता है . पर खुश रहने वाले छोटी -मोती बातों को दिल से नहीं लगाते वो माफ़ करना जानते हैं , सिर्फ दूसरों को नहीं बल्कि खुद को भी .
और इसके उलट यदि ऐसे लोगों से कोई गलती हो जाती है , तो वो माफ़ी मांगने से भी नहीं कतराते . वो जानते हैं कि व्यर्थ का ego उनकी life को complex बनाएगा इसलिए वो “Sorry” बोलने में कभी कंजूसी नहीं करते . मुझसे भी जब गलती होती है तो मैं कभी उसे सही ठहराने की कोशिश नहीं करता और उसे स्वीकार कर के क्षमा मांग लेता हूँ .
माफ़ करना और माफ़ी माँगना आपके दिमाग को हल्का करता है , आपको बेकार की उलझन और परेशान करने वाली thoughts से बचाता है , और as a result आप खुश रहते हैं .
Habit 3: खुश रहने वाले लोग अपने चारो तरफ एक strong support system develop करते हैं :
ये support system दो pillars पे टिका होता है Family and Friends( F&F). ज़िन्दगी में खुश रहने के लिए F&F का बहुत बड़ा योगदान होता है . भले आपके पास दुनिया भर की दौलत हो , शोहरत हो लेकिन अगर F&F नहीं है तो आप ज्यादा समय तक खुश नहीं रह पायेंगे .
हो सकता है ये आपको बड़ी obvious सी बात लगे , ये लगे की आपके पास भी बड़े अच्छे दोस्त हैं और बहुत प्यार करने वाला परिवार है , लेकिन इस पर थोडा गंभीरता से सोचिये . आपके पास ऐसे कितने friends हैं , जिन्हें आप बिना किसी झिझक के रात के 3 बजे भी phone कर के उठा सकें या कभी भी financial help ले सकें?
Family and friends को कभी भी for granted नहीं लेना चाहिए , एक strong relationship बनाने के लिए आपको अपने हितों से ऊपर उठ कर देखना होता है . , दूसरे की care करनी होती है , और उन्हें genuinely like करना होता है . जितना हो सके अपने रिश्तों को बेहतर बनाएं , छोटी -छोटी चीजें जैसे कि Birthday wish करना, बधाई देना , सच्ची प्रशंशा करना , मुस्कुराते हुए मिलना , गर्मजोशी से हाथ मिलाना , गले लगना आपके संबंधों को प्रगाढ़ बनता है . और जब आप ऐसा करते हैं तो बदले में आपको भी वही मिलता है और आपकी ज़िन्दगी को खुशहाल बनाता है .
Habit 4: खुश रहने वाले अपने मन का काम करते हैं या जो काम करते हैं उसमे मन लगाते हैं :
यदि आप अपने interest का, अपने मन का काम करते हैं तो definitely वो आपके Happiness Quotient को बढ़ाएगा , लेकिन ज्यादातर लोग इतने lucky नहीं होते , उन्हें ऐसी job या business में लगना पड़ता है जो उनके interest के हिसाब से नहीं होतीं . पर खुश रहने वाले लोग जो काम करते हैं उसी में अपना मन लगा लेते हैं , भले ही parallely वो अपना पसंदीदा काम पाने का प्रयास करते रहे .
मैंने कई बार लोगों को जहाँ job करते हैं उस company की बुराई करते सुना है , अपने काम को दुनिया का सबसे बेकार काम कहते सुना है , ऐसा करना आपकी life को और भी difficult बनता है . खुश रहने वाले अपने काम की बुराई नहीं करते , वो उसके सकारात्मक पहलुओं पर focus करते हैं और उसे enjoy करते हैं .
मगर , यहाँ मैं यह ज़रूर कहना चाहूँगा कि यदि हम दुनिया के सबसे खुशहाल लोगों को देखें तो वो वही लोग होंगे जो अपने मन का काम करते हैं , इसलिए यदि आप जो कर रहे हैं उसे enjoy करना , उससे सीखना अच्छी बात है पर Steve Jobs की कही बात भी याद रखिये: “आपका काम आपकी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा होगा, और truly-satisfied होने का एक ही तरीका है की आप वो करें जिसे आप सच-मुच एक बड़ा काम समझते हों…और बड़ा काम करने का एक ही तरीका है की आप वो करें जो करना आप enjoy करते हों.”
Habit 5: खुश रहने वाले हर उस बात पर यकीन नहीं करते जो उनके दिमाग में आती हैं :
Scientists के अनुसार हमारा brain हर रोज़ 60,000 thoughts produce करता है , और एक आम आदमी के case में इनमे से अधिकतर thoughts negative होती हैं . अगर आप daily अपने brain को हज़ारों negative thoughts से feed करेंगे तो खुश रहना तो मुश्किल होगा ही . इसलिए खुश रहने वाले व्यक्ति दिमाग में आ रहे बुरे विचारों को अधिक देर तक पनपने नहीं देते . वो benefit of doubt देना जानते हैं , वो जानते हैं कि हो सकता है जो वो सोच रहे हैं वो गलत हो , जिसे वो बुरा समझ रहे हैं वो अच्छा हो . ऐसा कर के इंसान relax हो जाता है , दरअसल हमारी सोच के हिसाब से brain में ऐसे chemical release होते हैं जो हमारे मूड को खुश या दुखी करते हैं .
जब आप नकारात्मक विचारों को सच मान लेते हैं तो आप का blood pressure बढ़ने लगता है और आप tensionize हो जाते हैं , वहीँ दूसरी तरफ जब आप उस पर doubt कर देते हैं तो आप अनजाने में ही brain को relaxed रहने का signal दे देते हैं .
Habit 6: खुश रहने वाले व्यक्ति अपने जीवन या काम को किसी बड़े उद्देश्य से जोड़ कर देखते हैं :
एक बार एक बूढी औरत कहीं से आ रही थी कि तभी उसने तीन मजदूरों को कोई ईमारत बनाते देखा . उसने पहले मजदूर से पूछा ,” तुम क्या कर रहे हो ?”, “ देखती नहीं मैं ईंटे ढो रहा हूँ .” उसने जवाब दिया .
फिर वो दुसरे मजदूर के पास गयी और उससे भी वही प्रश्न किया ,” तुम क्या कर रहे हो ?” ,” मैं अपने परिवार का पेट पालने के लिए मेहनत – मजदूरी कर रहा हूँ ?’ उत्तर आया .
फिर वह तीसरे मजदूर के पास गयी और पुनः वही प्रश्न किया ,” तुम क्या कर रहे हो ?,
उस व्यक्ति ने उत्साह के साथ उत्तर दिया , “ मैं इस शहर का सबसे भव्य मंदिर बना रहा हूँ ”
आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इन तीनों में से कौन सबसे अधिक खुश होगा!
दोस्तों, इस मजदूर की तरह ही खुश रहने वाले व्यक्ति अपने काम को किसी बड़े उद्देश्य से जोड़ कर देखते हैं , और ऐसा करना वाकई उन्हें आपार ख़ुशी देता है .
Habit 7: खुश रहने वाले व्यक्ति अपनी life में होने वाली चीजों के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हैं :
खुश रहने वाले व्यक्ति responsibility लेना जानते हैं . अगर उनके साथ कुछ बुरा होता है तो वो इसका blame दूसरों पर नहीं लगाते , बल्कि खुद को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं .For example: अगर वो office के लिए late होते हैं तो traffic jam को नहीं कोसते बल्कि ये सोचते हैं कि थोडा पहले निकलना चाहिए था .
अपनी success का credit दूसरों को भले दे दें लेकिन अपनी failure के लिए खुद को ही जिम्मेदार मानें . जब आप अपने साथ होने वाली बुरी चीजों के लिए दूसरों को दोष देते हैं तो आपके अन्दर क्रोध आता है , पर जब आप खुद को जिम्मेदार मान लेते हैं तो आप थोडा disappoint होते हैं और फिर चीजों को सही करने के प्रयास में जुट जाते हैं . मैं खुद भी अपनी life में होने वाली हर एक अच्छी – बुरी चीज के लिए खुद को जिम्मेदार मानता हूँ . ऐसा करने से मेरी energy दूसरों में fault खोजने की जगह खुद को improve करने में लगती है , और ultimately मेरी happiness को बढाती है .
Friends, हो सकता है आप इनमे से कुछ बातों को already follow करते हों partially या शायद पूरी तरह से . पर यदि किसी भी Habit में खुद को थोडा सा भी improve करेंगे तो वो definitely आपकी happiness को बढ़ाएगा . Personally मुझे Habit 2 में माफ़ करने वाले part को improve करना है . तो चलिए हम सब साथ -साथ अपने Happiness Quotient को बढ़ाते हैं और एक खुशहाल जीवन जीने का प्रयास करते हैं .



Comments

Popular posts from this blog

क्या है ‘उद्योग आधार’ नंबर, छोटे कारोबारियों के लिए कैसे है फायदेमंद

सरकार ने कम पूंजी में अपना कारोबार
शुरू करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना आसान
बना दिया है। इसके लिए सरकार ने उद्योग आधार
की शुरुआत की है। दरअसल यह सुविधा छोटे और
मध्यम दर्जे के कारोबारियों को मिलेगी। जिससे
कारोबारियों को रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर के
प्रोडक्शन करने तक 11 जरूरी फॉर्म भरने के झंझट से
छुटकारा मिल जाएगी। क्योंकि माइक्रो, स्मॉल
एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (एमएसएमई) मंत्रालय छोटे
और मझोले कारोबारियों को यह सुविधा मुफ्त में
मुहैया करा रही है। एमएसएमई मंत्रालय को उम्मीद है
कि ‘उद्योग आधार’ नंबर की शुरुआत ईज ऑफ डुइंग
बिजनेस के लिए एक बेहतर टूल साबित होगा। इसके
जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कारोबारी सरकार
की योजनाओं का बेहतर लाभ उठा पाएंगे।
क्या है ‘उद्योग आधार ’ नंबर
छोटे और मध्यम दर्जे के कारोबारियों को नया
कारोबार शुरू करने के लिए ऑनलाइन अथवा
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की जो सुविधा दी गई
है उसे ‘उद्योग आधार’ नाम दिया गया है। ताकि,
एमएसएमई के लिए कारोबार करना न केवल आसान
हो, बल्कि वे अपना करोबार को बढ़ाना भी चाहें
तो सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध
कराई जा सके। इसके तह…

जानिए, क्या है मोबाइल वॉलेट, इससे ट्रांजेक्शन कैसे है आसान...

भारत में जिस तरह ऑनलाइन शॉपिंग
का क्रेज बढ़ रहा है उसी तरह मोबाइल वॉलेट का
भी इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। क्योंकि, इसके
जरिए ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त ग्राहकों को पेमेंट
करने में सुविधा होती है। इसकी वजह से परचेजिंग
करने वालों को खुले पैसे देने के झंझटों से छुटकारा
मिलता है। वहीं, मोबाइल वॉलेट के जरिए आप पैसा
किसी को देश के किसी भी हिस्से में भेज सकते हैं।
क्योंकि, इसके लिए आपको बैंक जाने की जरूरत नहीं
होती है। इसके अलावा इसकी वजह से कैश कैरी करने
की जरूरत नहीं पड़ती है।
आरबीआई के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक
साल 2013-14 में कुल एक हजार करोड़ रुपए का लेनदेन
किया गया। लेकिन अगले 2 साल के भीतर यह
आकंड़ा आठ गुणा हो गया। साल 2014-15 में
मोबाइल वॉलेट के जरिए करीब 8,200 करोड़ रुपए का
लेनदेन किया गया।
क्या होता है मोबाइल वॉलेट
मोबाइल वॉलेट स्मार्ट फोन पर उपलब्ध एक डिजिटल
वॉलेट की सुविधा है। जहां रुपए को डिजिटल मनी
के रूप में स्टोर किया जाता है। खरीददारी के
दौरान इस वॉलेट के जरिए पेमेंट किया जाता है।
सामान्य शब्दों हम कह सकते हैं कि मोबाइल वॉलेट
एक डिजिटल पर्स की तरह है जिसके जरिए पैसे की
ले…

जानिए, क्या है WTO और इंटरनेशनल ट्रेड में इसकी भूमिका....

केन्या की राजधानी नैरोबी में वर्ल्ड
ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) की 10वीं
मिनिस्टीरियल बैठक में हुई प्रगति को लेकर भारत
संतुष्ट नहीं है। क्योंकि स्टॉकहोल्डिंग, फूड
सब्सिडी जैसे विवादस्पद मुद्दों पर भी कोई प्रगति
संभव नहीं हुई। दोहा डेवलपमेंट एजेंडे (डीडीए) के
भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता कायम है।
विकसित और विकासशील देशों के बीच इस तकरार
से एक बार फिर डब्ल्यूटीओ की भूमिका पर चर्चा
गरम हो गई है। आइए हम आपको डब्ल्यूटीओ के कार्य
और उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताते हैं।
क्या है डब्ल्यूटीओ
वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन ( डब्ल्यूटीओ) ट्रेड के मामले में
विश्व की प्रमुख संस्था है, जो सदस्य देशों के बीच
होने वाले व्यापार के नॉर्म्स तय करता है। नए
व्यापार समझौतों को लागू करने के साथ ही लिए
भी डब्ल्यूटीओ उत्तरदायी है। भारत भी डब्ल्यूटीओ
का एक सदस्य देश है।

डब्ल्यूटीओ की स्थापना
वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना 15
अप्रैल, 1994 को जनरल एग्रीमेंट ऑन टेरिफ एंड
ट्रेड (गेट) के स्थान पर की गई थी। गेट
की स्थापना साल 1948 में तब हुई
थी, जब 23 देशों ने कस्टम टैरिफ कम करने के लिए
हस्ताक्षर किए थे। …

Support us

Total Pageviews

CONTACT

Name

Email *

Message *